Monday, March 17, 2014

Holi

रंग भरी देखो होली आई ,
मस्तानों की टोली आई।
उड़ रहा है अबीर गुलाल।,
मस्तानी है सबकी चाल।

रंग भरी देखो होली आई ,
मस्तानों की टोली आई।

खुशियों की सौगात है यह लाई,
संग संग रंग खेलें सब भाई।
बापू संग ठिठोली करें हैं माई ,
और बीवी रंगे देवर भौजाई।
बच्चों ने जब पिचकारी चलाई ,
दादी संग नानी भी नहलाई।

सुखी है अपना जीवन भाई ,
रंग भरी देखो होली आई।

मन का चैन फिर भी रहा है काट ,
क्यों ना लें हम खुशियाँ बाँट।
काहे करें हम लड़ाई ,
जब देखो हैं होली आई।

खून होता सबका लाल ,
हरा पीला तो होता गुलाल।
क्यों रहते हो खुद को बाँट ?
खुशियों को लेते हो खुद ही काट।

रंग भरी देखो होली आई,
मस्तानों की टोली आई।

सदा साथ रहने की हैं हमने कसम खाई ,
भेदभाव होलिका सांड जलाई।
प्रेम कि हैं मिठाई खाई ,
आओ नाचें हम सब भाई,
एकता की दें दुहाई,

क्यों की
रंग भरी देखो होली आई,
मस्तानों कि टोली आई।

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